सात साल पहले किशोरी को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी को साक्ष्य और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने शनिवार को दोषी करार दिया। विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रथम राकेश कुमार ने मामले की अंतिम सुनवाई के बाद आरोपी को सजा सुनाई। अदालत ने थाना बनकटा जिला देवरिया के आरोपी राकेश कुमार वर्मा को 10 साल की कड़ी कैद के साथ ही 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
थाना सैदपुर क्षेत्र के एक गांव में महिला ने 18 नवम्बर 2015 को तहरीर देकर अपनी बेटी के शोषण और दुष्कर्म का शिकार होने की बात कही। बताया कि उसकी नाबालिक बेटी को आरोपी राकेश वर्मा फोन से लगभग एक साल से बात करता था और साथ ही प्रेमजाल में फसा कर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करता रहा। 18 नवम्बर 2015 को उसकी पुत्री को बुलाकर कही भाग ले गया जाते समय उसका लड़का देखा था सूचना के आधार पर आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ।
पुलिस ने विवेचना प्रारम्भ की घटना के दूसरे दिन वादनी की नाबालिक पुत्री को पुलिस ने बरामद किया और उसका डॉक्टरी मुआयना कराने के पश्चात न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में पीड़िता का बयान 164 सीआरपीसी में अंकित हुआ और पुलिस ने आरोपी को पकड़कर जेल भेज दिया और आरोप पत्र न्यायालय पेश किया l दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक रविकान्त पांडेय द्वारा कुल 8 गवाहों को पेश किया गया। सभी गवाहों ने अपना अपना बयान दर्ज कराया। दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोप को उपरोक्त सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।