जमानियां के ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन में बने तीन शौचालयों पर पांच दशक से ताला लटक रहा है। अब यह टॉयलेट जर्जर भी होने लगे हैं। विभागीय उदासीनता के कारण इनका निर्माण बेमतलब साबित हो रहा है। 1880 में स्टेशन बनने के साथ ही यहां पर शौचालय बनाया गया था, जिस पर आज ताला लगा हुआ है।
क्षेत्र के गुड्डू , प्रमोद, कमला, मातादीन गुप्ता, बबलू यादव और सागर ने बताया कि यात्रियों को मौलिक अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। बताया कि इस ब्रांच लाइन पर चलने वाली एकमात्र पैसेंजर ट्रेन दिन में तीन बार आती है। जिससे प्रतिदिन हजारों महिला और पुरूष यात्री आवागमन करते हैं। वे स्टेशन पर बने शौचालय को यूज नहीं कर पा रहे हैं।
यात्रियों ने मांग है कि शौचालय में दशकों से ताला लगा होने की जांच के लिए कमेटी बनाई जाए। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई की जाए। शौचालय की सफाई कराकर इसे यात्रियों की सहुलियत के लिए चालू किया जाए। साथ ही चेताया कि अगर शौचालय जल्द चालू नहीं किए गये तो ग्रामीण आंदोलन को विवश होगें। स्टेशन अधीक्षक सुजित कुमार ने बताया कि बन्द पडे़ शौचालय को खोलने के लिए विभागीय अधिकारियों को पूर्व में कई बार सूचना दी जा चुकी है। कहा पानी की व्यवस्था है, मगर सफाई कर्मी के न रहने से यह समस्या बनी है।