कोरोना के खौफ और संशय से जूझ रही महिलाओं को सुझाव एवं सलाह देने के लिए आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका घर-घर जाएंगी। समाज कल्याण विभाग ने लॉकडाउन के कारण आंगनबाड़ी केंद्राें को बंद कर दिया है। इसके कारण केंद्र की सभी गतिविधियां बाधित हैं। इसे देखते हुए विभाग ने सभी सेविका और सहायिकाओं को गर्भवती व धात्री महिलाओं तथा नवजात शिशुओं को होने वाली परेशानी काे दूर करने के लिए उनके घरों तक जाने का आदेश दिया है। इस दौरान महिलाओं को कोरोना और उससे बचाव के बारे में जागरूक किया जाएगा। विभाग ने सभी सेविकाओं काे महिलाओं व बच्चों का रिकाॅर्ड तैयार करने का आदेश भी दिया है। ज्ञात हो कि 30 अप्रैल को दैनिक भास्कर ने गर्भवती महिलाओं की न समय पर जांच न दवा शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, जिसमें लॉकडाउन के दौरान गर्भवती महिलाओं को हो रही परेशानी की ओर सरकार का ध्यान दिलाया गया था।
टेक होम राशन के बदले दिए जा रहे 237 रुपए
गर्भवती महिलाओं को टेक होम राशन के बदले 237.50 रुपए दिए जा रहे हैं। वहीं बच्चों को 200 रुपए और अति कुपोषित बच्चों को 300 रुपए दिए जा रहे हैं। राज्य के 544 बाल विकास परियोजनाओं के तहत कुल 1.14 लाख आंगनबाड़ी केंद्राें को संचालन किया जाता है।
आपदा प्रबंधन विभाग को भेजी फसल क्षति की रिपोर्ट
पटना|फरवरी से अप्रैल तक बारिश व ओलावृष्टि से 5.24 लाख हेक्टेयर में 693 करोड़ की फसल क्षति हुई है। वहीं अप्रैल में 18 जिलों में 1.05 लाख हेक्टेयर में 115 करोड़ की क्षति हुई। कृषि विभाग ने अप्रैल की क्षति के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को रिपोर्ट भेजकर क्षतिपूर्ति राशि की मांग की है। उधर, कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि मार्च में 23 जिलों में हुई फसल क्षति का इनपुट अनुदान भेजना शुरू कर दिया गया है। अबतक फरवरी व मार्च के लिए 2,49,403 किसानों के खाते में करीब 87 करोड़ रुपए भेजे गए हैं।